बालाघाट मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, खनिज संसाधनों और वन्यजीव अभ्यारण्यों के लिए प्रसिद्ध है। इसे "चांदी का बक्सा" भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ की खदानों में चांदी और अन्य खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। आइए, बालाघाट जिले की पूरी जानकारी पर नजर डालते हैं:
भौगोलिक स्थिति
- स्थिति: बालाघाट मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है।
- सीमाएँ: यह जिला उत्तर में मंडला और सिवनी, पूर्व में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव, दक्षिण में महाराष्ट्र के गोंदिया, और पश्चिम में छिंदवाड़ा से घिरा हुआ है।
- क्षेत्रफल: 9229 वर्ग किलोमीटर।
- नदियाँ: वैनगंगा, बंजर, और वर्धा यहाँ की प्रमुख नदियाँ हैं।
- वन क्षेत्र: यह जिला सतपुड़ा पर्वतमाला और मैकाल पर्वत शृंखला के बीच स्थित है। यहाँ का लगभग 50% क्षेत्र वनाच्छादित है।
इतिहास
- बालाघाट का नाम "बालाघाटी" शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है "ऊँचे पहाड़ों की श्रृंखला।"
- यह क्षेत्र प्राचीन समय में गोंड राजाओं के अधीन था।
- ब्रिटिश शासन के दौरान इसे एक प्रमुख प्रशासनिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया।
प्रशासनिक ढांचा
तहसीलें: बालाघाट जिले में कुल 10 तहसीलें हैं:
- बालाघाट
- वारासिवनी
- लांजी
- परसवाड़ा
- किरनापुर
- कटंगी
- बैहर
- बिरसा
- खैरलांजी
- मलाजखंड
विकासखंड: जिले में 10 विकासखंड हैं।
ग्राम पंचायतें: 870 ग्राम पंचायतें और 1577 गाँव हैं।
आर्थिक गतिविधियाँ
- कृषि:
- मुख्य फसलें: धान, गेहूँ, सोयाबीन, और तुअर।
- यह क्षेत्र चावल उत्पादन में अग्रणी है।
- खनिज संपदा:
- मलाजखंड का तांबा खदान एशिया की सबसे बड़ी तांबा खदानों में से एक है।
- यहाँ चांदी, मैंगनीज और लोहा भी पाया जाता है।
- वन संसाधन:
- जंगलों से सागौन, बाँस और तेंदू पत्ते प्राप्त होते हैं।
पर्यटन स्थल
- कान्हा राष्ट्रीय उद्यान:
- यह पार्क बाघों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।
- यहाँ बारहसिंगा (दलदल हिरण) प्रमुख आकर्षण है।
- जालेश्वर महादेव मंदिर:
- यह धार्मिक स्थल प्राकृतिक सुंदरता के बीच स्थित है।
- मलाजखंड:
- यह खनिज खदानें और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
- लांजी का किला:
- यह ऐतिहासिक किला गोंड राजाओं की वास्तुकला का प्रतीक है।
- गांगुलपारा झरना:
- यह खूबसूरत झरना बालाघाट शहर के पास स्थित है और पिकनिक स्थल के रूप में लोकप्रिय है।
संस्कृति और परंपरा
- बालाघाट की संस्कृति में गोंड और बैगा जनजातियों का विशेष प्रभाव है।
- यहाँ का लोक संगीत, नृत्य (सैला और करमा नृत्य), और हस्तशिल्प प्रसिद्ध है।
- प्रमुख त्योहार: होली, दिवाली, तीज, और दशहरा
भाष
- यहाँ की मुख्य भाषा हिंदी है, लेकिन गोंडी और मराठी बोलियाँ भी प्रचलित हैं।
यातायात और संपर्क
- सड़क मार्ग:
- बालाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग 543 और 930 से जुड़ा हुआ है।
- रेलवे:
- बालाघाट रेलवे स्टेशन नैरो गेज और ब्रॉड गेज दोनों के लिए प्रसिद्ध है।
- हवाई मार्ग:
- निकटतम हवाई अड्डा नागपुर (लगभग 180 किमी दूर) है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- बालाघाट "ताम्र नगरी" के रूप में जाना जाता है।
- यहाँ का "गुलाबी चावल" (पिंक राइस) जैविक खेती का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
- वैनगंगा नदी का प्राकृतिक सौंदर्य इस जिले को खास बनाता है।
अगर आपको बालाघाट के किसी खास पहलू (इतिहास, संस्कृति, पर्यटन, आदि) के बारे में और जानकारी चाहिए, तो बताइए!


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